बैठक के अंत में, पंडित राधेश्याम श्रीमाली जी ने सभी सदस्यों को द्रव्य, अंगवस्त्र, और स्नेहिल आशीर्वाद देकर विदाई दी। यह आयोजन न केवल श्रीमाली बंधुओं के लिए प्रेरणादायक था, बल्कि संगठन के प्रति उनके समर्पण को भी दर्शाता है।

बैठक के अंत में, पंडित राधेश्याम श्रीमाली जी ने सभी सदस्यों को द्रव्य, अंगवस्त्र, और स्नेहिल आशीर्वाद देकर विदाई दी। यह आयोजन न केवल श्रीमाली बंधुओं के लिए प्रेरणादायक था, बल्कि संगठन के प्रति उनके समर्पण को भी दर्शाता है।
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